Nawada : बिहार बाल अधिकार आयोग के सदस्य सुग्रीव कुमार ने सोमवार को जिला अतिथि गृह, नवादा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में जिले के प्रमुख विभागों के अधिकारी और बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य जिले में बाल अधिकारों की स्थिति की समीक्षा करना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था।
बाल संरक्षण और अधिकारों को लेकर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल कल्याण और श्रम संसाधन विभाग से जुड़े विभिन्न पदाधिकारियों ने भाग लिया। स्वास्थ्य विभाग के डॉ. महेश शर्मा, बालिका गृह के प्रभारी श्री राजा बाबू, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका कुमारी, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्री जितेंद्र पाल, बाल समिति सदस्य श्रीमती उषा कुमारी, सत्य उद्दीन, निरंजन कुमार और श्रम संसाधन विभाग के सुनील कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सुग्रीव कुमार ने जिले में बाल अधिकारों की स्थिति, बाल श्रम, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, बाल संरक्षण योजनाओं के क्रियान्वयन और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में किसी भी बच्चे के अधिकारों का हनन न हो और यदि किसी भी प्रकार का उल्लंघन सामने आता है तो तत्काल कार्रवाई की जाए।

बाल सुरक्षा और पुनर्वास पर जोर
बैठक में बाल श्रम उन्मूलन, अनाथ और बेसहारा बच्चों के पुनर्वास तथा बाल संरक्षण गृहों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। सुग्रीव कुमार ने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद बच्चे तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि बाल संरक्षण गृहों और बालिका गृहों की नियमित निगरानी की जाए और वहां रह रहे बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने यह भी कहा कि श्रम संसाधन विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिले में बाल श्रम को रोकने के लिए सख्त अभियान चलाया जाए और यदि कोई नाबालिग मजदूरी करता पाया जाता है तो संबंधित नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर विशेष जोर
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी चर्चा की गई। डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण कुछ बच्चों को इनका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर सुग्रीव कुमार ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बच्चों के लिए विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और जरूरत पड़ने पर उन्हें निशुल्क इलाज की सुविधा दी जाए।

शिक्षा विभाग को दिए आवश्यक निर्देश
शिक्षा को लेकर भी चर्चा के दौरान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी प्रियंका कुमारी ने जिले में बाल शिक्षा की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कई सरकारी योजनाओं के तहत बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में स्कूल छोड़ने की दर अधिक है। इस पर सुग्रीव कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर बच्चे को स्कूल तक लाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और यदि कोई बच्चा स्कूल छोड़ रहा है तो उसके कारणों की जांच कर उचित कदम उठाए जाएं।
बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता अभियान चलाने पर जोर
बैठक में सभी विभागों को मिलकर बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी दी गई। सुग्रीव कुमार ने कहा कि गांव-गांव और स्कूलों में जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों और उनके अभिभावकों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जानी चाहिए ताकि बाल शोषण, बाल श्रम और बाल तस्करी को पूरी तरह रोका जा सके।









