बाल मनोविज्ञान को सशक्त करने की पहल से शुरू हुआ था बाल मेला : सरयू राय

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Jamshedpur:जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद बच्चों के मनोविज्ञान और सामाजिक विकास पर गहरा असर पड़ा। इस चुनौती से बच्चों को उबारने और उनके आत्मविश्वास को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से वर्ष 2022 में बाल मेले की शुरुआत की गई, जो अब बच्चों की रचनात्मकता का उत्सव बन चुका है।

उन्होंने बताया कि 14 से 20 नवंबर 2025 तक बोधि मैदान, गरम नाला, साकची में आयोजित होने वाला चतुर्थ बाल मेला-2025 बच्चों के सर्वांगीण विकास, प्रतिस्पर्धात्मक भावना और सृजनशीलता को प्रोत्साहित करने का मंच बनेगा।

बच्चों के अधिकारों पर विशेष फोकस

सरयू राय ने बताया कि 20 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा बाल अधिकारों का चार्टर जारी किया गया था, जिसे विश्वभर में “विश्व बाल दिवस” के रूप में मनाया जाता है। इसी अवसर पर बाल मेला बच्चों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास से जुड़ी गतिविधियों को समर्पित रहेगा।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बाल अधिकार अधिनियम लागू किया है और महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों के पोषण व सुरक्षा हेतु कई योजनाएँ चला रहा है, परंतु झारखंड अब भी बाल विकास के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है, विशेषकर कुपोषण की समस्या गंभीर बनी हुई है।


प्रतिभा और सहभागिता का उत्सव

मेला संयोजक मनोज सिंह ने बताया कि मेले का उद्देश्य बच्चों में टीम स्पिरिट, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को बढ़ाना है।
मेले का उद्घाटन 14 नवंबर को अपराह्न 4 बजे होगा, जिसमें स्वागत गीत, झारखंडी पारंपरिक नृत्य और दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम होंगे

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