कदमा के बाबा जटाधारी मंदिर में 14–15 फरवरी को अखंड हरिकीर्तन और भव्य शिव बारात

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Jamshedpur:कदमा शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर–2 स्थित बाबा जटाधारी मंदिर एक बार फिर धार्मिक उल्लास और सांस्कृतिक भव्यता का साक्षी बनने जा रहा है। वर्ष 1979 में रामनवमी के पावन अवसर पर स्थापित यह मंदिर पिछले चार दशकों से अधिक समय से क्षेत्र की आस्था का केंद्र बना हुआ है। हर वर्ष यहां निकलने वाला अखाड़ा और शिव बारात स्थानीय धार्मिक परंपरा की पहचान बन चुका है।
मंदिर के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय 24 नवंबर 2012 को जुड़ा, जब स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती (पुरी के शंकराचार्य) के करकमलों से शिव-हनुमान मंदिर का जीर्णोद्धार और शिवलिंग की पुनः प्राणप्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस अवसर ने मंदिर की आध्यात्मिक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाई प्रदान की और श्रद्धालुओं की आस्था को और दृढ़ किया।
वर्ष 2007 से मंदिर समिति द्वारा रुद्राभिषेक के उपरांत भव्य शिव बारात की परंपरा निरंतर निभाई जा रही है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवा और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर इस शोभायात्रा को जीवंत बना देते हैं। ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति गीतों की स्वर लहरियां, सजीव झांकियां और रंग-बिरंगी सजावट पूरे क्षेत्र को शिवमय वातावरण में रंग देती हैं।
कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार है—
14 फरवरी 2026 (शनिवार) को प्रातः 11:00 बजे अखंड हरिकीर्तन का शुभारंभ होगा।
15 फरवरी 2026 (रविवार) को दोपहर 3:00 बजे कीर्तन की पूर्णाहुति के साथ समाज के सम्मानित अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया जाएगा।
सायं 4:30 बजे से शिव-पार्वती की भव्य शिव बारात निकाली जाएगी, जिसमें आकर्षक झांकियां और भक्ति संगीत की विशेष प्रस्तुति रहेगी। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद एवं भोग वितरण किया जाएगा।
मंदिर समिति ने क्षेत्रवासियों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है। आयोजन की तैयारियों में समिति के अध्यक्ष उमेश सिंह, महासचिव सुधांशु ओझा सहित शेषनाथ पाठक, मनोज कुमार सिंह, अशोक कुमार दुबे, रौशन कुमार, संदीप पांडेय, शशिभूषण, प्रमोद सिंह, दीपक वशिष्ठ और शैलेश कुमार सिंह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता का यह संगम एक बार फिर कदमा को भक्ति के रंग में रंगने को तैयार है।

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