Jamshedpur:अरका जैन विश्वविद्यालय के ऑप्टोमेट्री विभाग द्वारा विश्व दृष्टि दिवस के अवसर पर नेत्र स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों, शिक्षकों, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत भाषण से हुई, जिसके बाद ऑप्टोमेट्री के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आंखों की सुरक्षा और नियमित जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। नाटक ने आम लोगों को “दृष्टि है तो जीवन है” का प्रभावी संदेश दिया।
मुख्य अतिथि अर्णब बनर्जी, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर, ऑप्टोमेट्री विभाग, कोलकाता ने कहा कि – “तेज़-तर्रार जीवनशैली में नेत्र स्वास्थ्य की अनदेखी गंभीर परिणाम दे सकती है। ऑप्टोमेट्रिस्ट केवल चश्मा देने वाला नहीं, बल्कि दृष्टि रक्षा का प्रहरी है।”
वहीं आईएचएमओ जिला अध्यक्ष सह कैंप कोऑर्डिनेटर एस.आर.के. कमलेश ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नेत्र संबंधी समस्याओं को लेकर अभी भी जागरूकता की कमी है और समाज में चेतना लाना ही पहला इलाज है।
छात्रों ने पोस्टर प्रदर्शनी और शोध पत्र प्रस्तुतिकरण के माध्यम से आधुनिक ऑप्टोमेट्री तकनीकों, आंखों की बीमारियों और उनकी रोकथाम पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष सर्बोजीत गोस्वामी ने की। उन्होंने कहा कि अरका जैन विश्वविद्यालय हमेशा शिक्षा के साथ सामाजिक चेतना को भी प्राथमिकता देता आया है। विश्व दृष्टि दिवस का यह आयोजन विश्वविद्यालय की उसी सोच की प्रेरणादायक मिसाल है।
इस अवसर पर सम्मान समारोह, विशेषज्ञों का संबोधन और रचनात्मक गतिविधियों ने कार्यक्रम को सार्थक बनाया।









