Adityapur:रात के अंधेरे में जोखिम बन चुकी आदित्यपुर-कांड्रा सड़क अब उजाले की ओर बढ़ रही है। करीब 14 वर्षों से लंबित स्ट्रीट लाइट की मांग आखिरकार पूरी होने जा रही है। 15.5 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर शेष बचे 8.5 किलोमीटर हिस्से में जल्द ही नई स्ट्रीट लाइटें लगेंगी—और इसके साथ ही लाखों राहगीरों की वर्षों पुरानी चिंता दूर होगी।
सितंबर 2011 में जेएआरडीसीएल द्वारा 6.9 किलोमीटर हिस्से में स्ट्रीट लाइट लगाई गई थी, लेकिन बाकी मार्ग अंधेरे में डूबा रहा। नतीजा—लगातार दुर्घटनाएं और रात में सफर करने वालों की मुश्किलें। सामाजिक संगठन जनकल्याण मोर्चा ने कई बार पत्राचार किया, पर समाधान नहीं निकला।
मामला तब आगे बढ़ा जब सरायकेला के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने इसे गंभीरता से लिया। झारखंड सरकार के पथ निर्माण सचिव सुनील कुमार के सहयोग से अब CSR के तहत शेष 8.5 किलोमीटर में स्ट्रीट लाइट लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। यह पहल जनहित में एक ठोस और सराहनीय कदम माना जा रहा है।
परियोजना की शुरुआत आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी आरकेएफएल ने कर दी है। योजना के अनुसार, करीब 260 स्ट्रीट लाइट पोल लगाए जाएंगे—हर 35 मीटर पर, 12 मीटर ऊंचाई के पोल के साथ। काम तीन महीनों में पूरा होने की संभावना है। इसके पूरा होते ही दुर्घटनाओं में कमी, रात की यात्रा में सुरक्षा और स्थानीय व्यापार व आवागमन को स्पष्ट बढ़ावा मिलेगा।
गौरतलब है कि दुर्गा पूजा के दौरान उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत के प्रयासों से दर्जनों खराब स्ट्रीट लाइटें दुरुस्त कराई गई थीं, जिससे तत्काल राहत मिली थी। अब स्थायी समाधान के साथ पूरा मार्ग रोशन होगा।
इस उपलब्धि पर जनकल्याण मोर्चा आदित्यपुर, झारखंड लीगल एडवाइजरी एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन और आदित्यपुर अधिवक्ता संघ ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को हार्दिक बधाई दी है। साथ ही CSR के दूसरे चरण की शुरुआत के लिए आरकेएफएल की भी खुले दिल से सराहना की गई है।









