हेमंत सरकार ने पिछड़ों से किया विश्वासघात : आदित्य साहू

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Jamshedpur: झारखंड भाजपा के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने गुरुवार को जमशेदपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में हेमंत सोरेन सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि झामुमो–कांग्रेस–राजद की ‘ठगबंधन सरकार’ ने राज्य के पिछड़ा वर्ग समाज के साथ धोखा किया है।

साकची स्थित होटल दयाल इंटरनेशनल में आयोजित इस प्रेस वार्ता में आदित्य साहू ने कहा कि राज्य की लगभग 50% आबादी वाले पिछड़ा वर्ग की उपेक्षा सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाती है। उन्होंने कहा,

“हेमंत सरकार की नीति और नीयत में भारी अंतर है। यह सरकार केवल वोट बैंक की राजनीति करती है, लेकिन पिछड़ों के अधिकार की बात आते ही चुप्पी साध लेती है।”



प्रेस वार्ता में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो, हटिया के विधायक नवीन जायसवाल, भाजपा महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा और मीडिया प्रभारी प्रेम झा भी उपस्थित रहे।

आदित्य साहू ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान झामुमो और कांग्रेस ने पिछड़ों को 27% आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन अब नगर निकाय चुनाव में आरक्षण की सीमा सिर्फ 14% रखी गई। उन्होंने कहा कि अगर न्यायालय के निर्देश पर ‘ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया’ नहीं होती, तो पंचायत चुनाव भी बिना पिछड़ों को आरक्षण दिए ही संपन्न करा दिए जाते।

उन्होंने कहा,

“यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने पिछड़ों की अनदेखी की है। झारखंड में सामाजिक न्याय की बात करने वाली हेमंत सरकार ने पिछड़ा वर्ग को सिर्फ वोट के रूप में देखा है।”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए साहू ने कहा कि कांग्रेस ने मंडल कमीशन रिपोर्ट को वर्षों तक ठंडे बस्ते में रखा और कभी पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया। वहीं भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछड़ा समाज को सम्मान और अधिकार दिलाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार में दर्जनों मंत्री पिछड़ा वर्ग से आते हैं और यह इस बात का प्रतीक है कि भाजपा की नीयत साफ है।

अंत में साहू ने कहा,

“हेमंत सरकार ने झारखंड के हर वर्ग के साथ विश्वासघात किया है — न आदिवासी संतुष्ट हैं, न दलित, न पिछड़ा, न सवर्ण। यह सरकार हर मोर्चे पर फेल है और जनता अब इसका हिसाब जरूर लेगी।”

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