चाईबासा में एसीबी की बड़ी कार्रवाई, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रिश्वत लेते गिरफ्तार

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Chaibasa  : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन निर्माण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से जिले के सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है।

एसीबी जमशेदपुर की टीम ने भवन निर्माण विभाग, भवन प्रमंडल चाईबासा के कार्यपालक अभियंता अरुण कुमार सिंह को 70 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। आरोप है कि अभियंता ने एक निर्माण कार्य से जुड़े बिल के भुगतान के एवज में कमीशन की मांग की थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित योजना की कुल लागत करीब 55 लाख रुपये थी, जिसमें से 29 लाख रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका था। शेष राशि के भुगतान के लिए अभियंता द्वारा 2.5 प्रतिशत कमीशन के रूप में 70 हजार रुपये की मांग की गई थी। यह मामला पुराने उपायुक्त कार्यालय परिसर में नारकोटिक्स विभाग के भवन निर्माण कार्य से जुड़ा बताया जा रहा है।

घूस की मांग से परेशान ठेकेदार रितेश चिरानिया ने एसीबी जमशेदपुर में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की सत्यापन जांच के बाद एसीबी ने पूरी योजना के तहत कार्रवाई की और रिश्वत लेते समय अभियंता को रंगे हाथों धर दबोचा। इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर जयराम प्रसाद, इंस्पेक्टर कल्याण बिरुली और डीएसपी इंद्रदेव राम की अहम भूमिका रही।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी अभियंता को पूछताछ के लिए एसीबी जमशेदपुर ले जाया गया है। एसीबी द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

गौरतलब है कि चाईबासा में इससे पहले भी एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। वर्ष 2019 में लघु सिंचाई प्रमंडल चाईबासा के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार विद्यार्थी को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था, जबकि वर्ष 2023 में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल चाईबासा के रोकड़पाल बीटी सिंह को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था।

लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से स्पष्ट है कि एसीबी भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। ताजा कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में खलबली है और आने वाले दिनों में और भी सख्त कदम उठाए जाने की संभावना जताई जा रही है।

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