Chaibasa : सिंहभूम की सांसद जोबा माझी के प्रयास से मनोहरपुर क्षेत्र के रेल यात्रियों को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर रेलवे बोर्ड ने टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस (18189/18190) का मनोहरपुर स्टेशन पर प्रायोगिक आधार पर ठहराव स्वीकृत कर दिया है। रेलवे बोर्ड की ओर से 27 अगस्त 2026 को जारी आदेश के बाद इस महत्वपूर्ण ट्रेन के मनोहरपुर में रुकने का रास्ता साफ हो गया है।
रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक (कोचिंग) राजेश कुमार की ओर से जारी आदेश में संबंधित रेलवे जोन को निर्देश दिया गया है कि सुविधाजनक तिथि से ट्रेन का ठहराव शुरू किया जाए। साथ ही टिकट बिक्री केंद्रों पर ठहराव की जानकारी प्रमुखता से प्रदर्शित करने और यात्रियों को इसकी सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, सांसद जोबा माझी ने 22 जनवरी 2026 को रांची में आयोजित सांसदों की मंडलीय समिति की बैठक में क्षेत्र की रेल सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था। बैठक में उन्होंने रेल जीएम एवं डीआरएम के समक्ष टाटानगर-एर्नाकुलम एक्सप्रेस का मनोहरपुर में ठहराव देने की मांग रखी थी।
सांसद ने रेलवे अधिकारियों को बताया था कि मनोहरपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, इलाज एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए दक्षिण भारत के विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं। ऐसे में इस ट्रेन का मनोहरपुर में ठहराव स्थानीय यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।
दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों को मिलेगी राहत
ट्रेन के ठहराव से मनोहरपुर के अलावा आनंदपुर, गोइलकेरा, सोनुवा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेष रूप से दक्षिण भारत की ओर रोजगार, इलाज और शिक्षा के लिए जाने वाले यात्रियों को अब ट्रेन पकड़ने के लिए दूर-दराज के स्टेशनों तक जाने की परेशानी कम होगी।
इस सुविधा से व्यापारी, विद्यार्थी, मरीज और उनके परिजन भी लाभान्वित हो सकेंगे। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव लंबे समय से उनकी प्रमुख मांगों में शामिल था।
रेलवे बोर्ड की मंजूरी से क्षेत्र में खुशी
रेलवे बोर्ड की स्वीकृति के बाद मनोहरपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए सांसद जोबा माझी के प्रयासों की सराहना की है।
सांसद द्वारा यात्रियों की सुविधा से जुड़े इस मुद्दे को रेलवे के समक्ष लगातार उठाए जाने के बाद अब रेलवे बोर्ड ने ठहराव को प्रायोगिक आधार पर मंजूरी दी है। ठहराव शुरू होने के बाद पश्चिमी सिंहभूम के रेल यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
















