सारंडा में फिर दौड़ेगी अर्थव्यवस्था: विजया-2 माइंस को मिली हरी झंडी

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Guwa : पश्चिम सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र के हजारों बेरोजगार युवाओं, ट्रक मालिकों और छोटे कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने टाटा स्टील को विजया-2 आयरन ओर माइंस के संचालन की अनुमति दे दी है। करीब नौ महीने से बंद पड़ी इस खदान के दोबारा शुरू होने से पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में फिर से तेजी आने की उम्मीद जगी है।

खान निदेशक राहुल सिन्हा द्वारा जारी आदेश के बाद घाटकुरी मौजा स्थित रक्षित वन क्षेत्र की 383.20 एकड़ भूमि में लौह अयस्क खनन का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन को भी खनन कार्य शुरू कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।



विजया-2 माइंस बंद होने से सारंडा, गुवा, किरीबुरू, मेघाहातुबुरू और बड़ाजामदा क्षेत्र की आर्थिक स्थिति बुरी तरह प्रभावित हो गई थी। हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए थे, जबकि सैकड़ों ट्रक और डंपर महीनों से खड़े-खड़े जंग खा रहे थे। ट्रांसपोर्टिंग, गैरेज, होटल, ढाबा और छोटे व्यापार लगभग ठप पड़ गए थे।

अब माइंस के दोबारा चालू होने से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय में फिर से जान आने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रकों और डंपरों का संचालन शुरू होने से ड्राइवर, हेल्पर और वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।


जानकारी के अनुसार विजया-2 माइंस की वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 30 लाख टन है। खदान शुरू होने से टाटा स्टील को स्थानीय स्तर पर लौह अयस्क उपलब्ध होगा, जिससे परिवहन लागत में कमी आएगी। इसका सीधा फायदा जमशेदपुर और आसपास के स्टील उद्योगों को मिलेगा।


खनन कार्य शुरू होने से झारखंड सरकार को रॉयल्टी, डीएमएफ और एनएमईटी फंड के माध्यम से हर महीने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है। विशेषज्ञों के अनुसार सालाना 35 से 50 करोड़ रुपये तक की आय केवल इसी माइंस से हो सकती है, जिसका उपयोग विकास कार्यों में किया जाएगा।


खनन गतिविधियां ठप होने से सारंडा क्षेत्र के बाजारों में आर्थिक मंदी छा गई थी। अब माइंस के दोबारा शुरू होने से नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और छोटे दुकानदारों, होटल संचालकों तथा दैनिक मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह फैसला केवल एक खदान के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सारंडा क्षेत्र की आर्थिक व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

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