पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने एवरेस्ट बेस कैंप पर फहराया तिरंगा, 8 दिन की कठिन ट्रेकिंग से रचा इतिहास

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Jamshedpur : झारखंड के पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने विश्व के प्रसिद्ध ट्रेकिंग स्थल एवरेस्ट बेस कैंप तक सफलतापूर्वक पहुंचकर एक प्रेरणादायक उपलब्धि हासिल की है। 5,364 मीटर की ऊंचाई पर तिरंगा फहराते हुए उन्होंने न केवल व्यक्तिगत साहस का परिचय दिया, बल्कि पूरे राज्य का मान भी बढ़ाया।

कुणाल षाड़ंगी ने इस चुनौतीपूर्ण यात्रा को अपने जीवन का अहम अनुभव बताते हुए कहा कि यह केवल एक ट्रेक नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और मानसिक मजबूती की कठिन परीक्षा थी।

उन्होंने अपनी यात्रा नेपाल के लुक्ला से शुरू की और फाकडिंग, नामचे, डिबोचे तथा गोरक्षेप जैसे दुर्गम पड़ावों को पार करते हुए महज 8 दिनों में बेस कैंप तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इस दौरान उन्हें -17°C से -20°C तक के कड़ाके की ठंड और 50-60 प्रतिशत तक सीमित ऑक्सीजन स्तर जैसी विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।

करीब 5,364 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचकर उन्होंने देश का तिरंगा और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का झंडा लहराया, जो उनके लिए गर्व का क्षण रहा। खास बात यह रही कि इतनी ऊंचाई और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्हें हाई अल्टीट्यूड सिकनेस से बचाव के लिए उपयोग की जाने वाली दवा लेने की आवश्यकता तक नहीं पड़ी।

अपनी इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने परिवार, मित्रों, पार्टी सहयोगियों और पूरी टीम को दिया।

उन्होंने कहा, “चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, दृढ़ संकल्प और मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। यह सफर सिर्फ पहाड़ चढ़ने का नहीं, बल्कि खुद को पहचानने का अनुभव था।”

कुणाल षाड़ंगी की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो यह दर्शाती है कि मजबूत इच्छाशक्ति और समर्पण से असंभव लगने वाले लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।

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