Jamshedpur :पूर्वी सिंहभूम जिले में जन्मजात हृदय रोग (कंजेनाइटल हार्ट डिजीज) से पीड़ित पांच बच्चों का सफल ऑपरेशन होने के बाद वे सुरक्षित अपने घर लौट आए हैं। इस उपलब्धि के पीछे सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल और स्वास्थ्य विभाग की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इन बच्चों का इलाज श्री सत्य साईं संजीवनी सेंटर फॉर चाइल्ड हार्ट केयर के खारघर (नवी मुंबई) और कोंडापाका (हैदराबाद) स्थित केंद्रों में किया गया, जहां उनका सफल हृदय ऑपरेशन हुआ। इलाज के बाद बच्चों की सुरक्षित वापसी पर सिविल सर्जन कार्यालय में उनका स्वागत किया गया और उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की गई।
जानकारी के अनुसार, सभी बच्चों की पहचान आरबीएसके टीम द्वारा स्क्रीनिंग के माध्यम से की गई थी। इसके बाद डीईआईसी सदर अस्पताल की टीम ने सिविल सर्जन के निर्देश पर एक बच्चे को खारघर (मुंबई) और चार बच्चों को हैदराबाद भेजा, जहां उनका सफल ऑपरेशन संभव हो सका।
इस पूरी प्रक्रिया में आरबीएसके टीम की डॉ. प्रीति राय, डॉ. किरण कुमारी, डॉ. शशांक चटर्जी, डॉ. मनीमाला सेन सहित डीईआईसी के उपाधीक्षक डॉ. कमलेश कुमार प्रसाद और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. राज नारायण तिवारी की अहम भूमिका रही।
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने बताया कि कंजेनाइटल हार्ट डिजीज से पीड़ित बच्चों के लिए सरकार द्वारा श्री सत्य साईं संजीवनी सेंटर के मुंबई, खारघर, हैदराबाद और रायपुर स्थित केंद्रों में नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था है। इसमें आने-जाने, ऑपरेशन और उपचार की पूरी सुविधा शामिल है।
बच्चों के अभिभावकों ने इस पहल के लिए सिविल सर्जन और पूरी स्वास्थ्य टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सभी डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बच्चों के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना की।









