गुवा बाजार में विस्थापितों की बैठक, ग्रामसभा की अनुमति के बिना प्रोजेक्ट लागू न करने की चेतावनी

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Chaibasa : गुवा बाजार स्थित डिपासाई के विस्थापितों ने रविवार को गुवा बाजार में एक अहम बैठक आयोजित कर अपनी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता गुवासाई के मुंडा मंगल पूर्ती ने की। बैठक में बड़ी संख्या में विस्थापित परिवारों के लोग शामिल हुए और एकजुट होकर अपने अधिकारों की आवाज बुलंद की।

बैठक को संबोधित करते हुए मुंडा मंगल पूर्ती ने कहा कि गुवा में Steel Authority of India Limited (सेल) प्रबंधन द्वारा नए प्रोजेक्ट की तैयारी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी योजना को लागू करने या विस्थापितों को हटाने से पहले ग्राम सभा की अनुमति लेना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि झारखंड में पेसा कानून लागू है, जिसके तहत ग्राम सभा और मुंडा समिति की सहमति के बिना कोई भी कार्य नहीं किया जा सकता, बावजूद इसके सेल प्रबंधन द्वारा कानून की अनदेखी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर सभी विस्थापित सोमवार को उपायुक्त के समक्ष बैठक कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे और न्याय की मांग करेंगे।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि पूर्व में कंपनी द्वारा लोगों को यहां बसाया गया था, लेकिन वर्ष 2000 में सेल द्वारा गुवा खदान को लीज पर लेने के बाद से लगातार लोगों को उजाड़े जाने की प्रक्रिया जारी है। विस्थापितों ने आरोप लगाया कि पुनर्वास की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है।

इस दौरान नोवामुंडी भाग-एक की जिला परिषद सदस्य सुश्री देवकी कुमारी ने कहा कि सेल प्रबंधन ने विस्थापितों के लिए मात्र 184 घरों का निर्माण कराया है, जबकि लगभग 500 लोगों को हटाया जा रहा है। ऐसे में शेष प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने मांग की कि नए सिरे से सर्वे कर सभी प्रभावितों को समुचित पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।

बैठक में उपस्थित विस्थापितों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया और प्रशासन से न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की।

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