Chiabasa : नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत आईकुटी गांव में बाहरी लोगों द्वारा सरना स्थल देशाउली पर बिना किसी पूर्व सूचना, स्थानीय ग्रामीणों की सहमति अथवा संबंधित विभागों की अनुमति के मशीनों से अंधाधुंध पेड़ों की कटाई किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना से जनजातीय समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, काटे गए पेड़ों को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से गांव से बाहर ले जाकर ट्रकों पर लोड कर अन्य स्थानों पर भेज दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में रोष फैल गया और उन्होंने इसे उनकी धार्मिक आस्था एवं परंपराओं पर सीधा हमला बताया।
इस संबंध में भाजपा जिला उपाध्यक्ष सह अनुसूचित जनजाति मोर्चा, चाईबासा प्रक्षेत्र के हरिचरण सांडिल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि सरना स्थल पर इस प्रकार की पेड़ कटाई जनजातीय समाज की रूढ़ि-परंपरा और धार्मिक मान्यताओं के सर्वथा विपरीत है। सरना स्थल आदिवासी समाज के लिए आस्था, श्रद्धा और विश्वास का केंद्र होता है, जहां किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप सामाजिक व्यवस्था और सांस्कृतिक पहचान पर सीधा आघात है।
हरिचरण सांडिल ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। वहीं ग्रामीणों ने भी सरना स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अवैध कटाई पर रोक लगाने तथा दोषियों को दंडित करने की मांग उठाई है। फिलहाल क्षेत्र में इस घटना को लेकर जनजातीय समाज में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।









