Jamshedpur:बिष्टुपुर स्थित पितृछाया प्रेक्षागृह शनिवार की संध्या शास्त्रीय संगीत की दिव्य लहरियों से सराबोर हो उठा, जब बंशी बोस म्यूजिक फाउंडेशन की ओर से भव्य शास्त्रीय संगीत संध्या का आयोजन किया गया। सितार और खयाल गायन के अद्भुत संगम ने श्रोताओं को देर तक मंत्रमुग्ध बनाए रखा।
कार्यक्रम का शुभारंभ एक्सएलआरआई के वरीय प्रोफेसर डॉ. शरद सरीन, जेएमसी के अध्यक्ष अनिरुद्ध सेन, लेखिका विभा मिश्रा तथा जेएमसी की उपाध्यक्ष रोहिणी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
संगीत संध्या की शुरुआत शहर के उभरते सितार वादक रियन बोस ने राग देश में आलाप, जोड़ और झाला के साथ तीनताल की बंदिशों से की। उनकी प्रस्तुति में युवा ऊर्जा और शास्त्रीय अनुशासन का सुंदर संतुलन दिखा। तबले पर कार्तिक कर्मकार की सधी हुई संगत ने प्रस्तुति को और प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे प्रख्यात सितार वादक पंडित अंजन चट्टोपाध्याय, जिन्होंने राग मालगुंजी में आलाप, जोड़ और झाला के पश्चात विलंबित व द्रुत तीनताल में बंदिशें प्रस्तुत कर श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। तबले पर स्वरूप मोइत्रा की संगत ने संगीत में नई ऊँचाइयाँ जोड़ दीं।
दूसरे चरण में उभरती शास्त्रीय गायिका श्रीमती तानिया राय शेखावत ने राग यमन में खयाल गायन प्रस्तुत किया। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति और प्रसिद्ध बंदिश “मैं बारी बारी जाऊंगी” पर श्रोताओं की भरपूर सराहना मिली। हारमोनियम पर गुरु अंजन रॉय और तबले पर कार्तिक कर्मकार ने गायन को सशक्त आधार दिया।
इस अवसर पर समाज में सराहनीय योगदान के लिए टीमकन वर्कर्स यूनियन के महासचिव विजय यादव तथा संगीत के प्रति समर्पण हेतु अंजन रॉय को सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यक्रम की स्मारिका का भी विमोचन किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन सुजीत राय ने किया। फाउंडेशन के महासचिव सुभाष बोस ने बताया कि बिष्टुपुर में आयोजित यह शास्त्रीय संगीत संध्या संगीत प्रेमियों के लिए एक यादगार अनुभव रही।
आयोजन को सफल बनाने में अशोक बोस, गौतम कुमार बोस, सुभाष बोस, हरधान प्रामाणिक, अशोक दास, अशोक कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, रीतम बोस एवं प्रदीप भट्टाचार्य की सक्रिय भूमिका रही।









