Big Breaking: उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास इस दिन लेंगे भाजपा की सदस्यता।

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रांची: सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आ रही है कि उड़ीसा के पूर्व राज्यपाल और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास 10 जनवरी को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। यह सदस्यता ग्रहण समारोह रांची स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित होगा। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुवर दास का राज्यपाल के रूप में कार्यकाल शांतिपूर्ण और प्रभावशाली रहा। अब वे फिर से भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाने जा रहे हैं, जिससे झारखंड की राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है।

दूसरी बार लेंगे भाजपा की सदस्यता

रघुवर दास ने हाल ही में उड़ीसा के राज्यपाल पद से इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे के बाद से ही यह अटकलें तेज थीं कि वे दोबारा सक्रिय राजनीति में वापसी कर सकते हैं। सूत्रों की मानें तो रघुवर दास मंगलवार को रांची स्थित अपने आवास पर पहुंचेंगे और अगले दिन आयोजित कार्यक्रम में औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता लेंगे।

रघुवर दास का राजनीतिक जीवन, संघर्ष से शिखर तक का सफर

रघुवर दास, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता, ने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण पड़ाव तय किए हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले रघुवर दास ने अपनी मेहनत और दूरदृष्टि से राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। रघुवर दास का जन्म 3 मई 1955 को झारखंड के जमशेदपुर में एक सामान्य परिवार में हुआ। उन्होंने विज्ञान में स्नातक की शिक्षा पूरी की और जमशेदपुर में ही टाटा स्टील कंपनी में काम करना शुरू किया। रघुवर दास ने अपना राजनीतिक सफर जयप्रकाश नारायण के संपूर्ण क्रांति आंदोलन से प्रेरित होकर शुरू किया। वे 1977 में जनता पार्टी से जुड़े और बाद में भारतीय जनता पार्टी के सदस्य बने।

चुनावी सफर

रघुवर दास 1980 में भाजपा के गठन के साथ पार्टी के साथ सक्रिय रूप से जुड़ गए।

उन्होंने झारखंड में पार्टी को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य किया और पार्टी के विभिन्न आंदोलनों में भाग लिया।

1995: पहली बार जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।

इसके बाद उन्होंने लगातार पांच बार इस क्षेत्र से चुनाव जीतकर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई।

2014: रघुवर दास झारखंड के मुख्यमंत्री बने। वे राज्य के पहले गैर-आदिवासी मुख्यमंत्री थे।

उनके कार्यकाल को झारखंड में बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगिक निवेश के लिए याद किया जाता है।

राज्यपाल के रूप में कार्यकाल

2023 में रघुवर दास को उड़ीसा के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया।

उन्होंने इस पद पर रहते हुए राज्य की संवैधानिक व्यवस्था को बनाए रखने में योगदान दिया।

विशेष उपलब्धियां

1. झारखंड में मेक इन झारखंड और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए काम किया।

2. मुख्यमंत्री रहते हुए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू कीं, जैसे मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना।

3. झारखंड में राजनीतिक स्थिरता और सुशासन के लिए उनके प्रयास सराहनीय रहे।

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