कासियाबेड़ा में 52वां शिव चतुर्दशी पाता नाच मेला का भव्य आयोजन, सैकड़ों ग्रामीणों की सहभागिता

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Jamshedpur : प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित पहाड़ियों की तलहटी में बसे गुड़ाबांदा प्रखंड के कासियाबेड़ा गांव में 52वां शिव चतुर्दशी पाता नाच उत्सव सह मेला का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन की अगुवाई आदिवासी विकास संथाल कासियाबेड़ा के संस्थापक शैलेन बास्के द्वारा की गई।

विगत कई वर्षों से शैलेन बास्के के प्रयासों से यह मेला छोटे स्वरूप से निकलकर अब विशाल सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुका है। कभी नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहा यह पहाड़ी क्षेत्र, जहां बंदूकों की गूंज और धमाकों की दहशत सुनाई देती थी, आज ढोल-नगाड़ों और धमसा की थाप पर थिरकते कदमों से गूंज उठा। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग सामूहिक रूप से पाता नाच प्रस्तुत करते नजर आए। गीतों की मधुर लय और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की ताल ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया।

इस अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता कुणाल सारंगी सहित प्रधान सोरेन, शैलेंद्र बास्के, रामदास हासदा, लव राम मुरमू, गणेश हेंब्रम, कुनाराम बास्के, कंदरा मुर्मू समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों ने ग्रामीणों के साथ ढोल बजाकर और नृत्य कर उत्साहवर्धन किया।

कुणाल सारंगी ने आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आदिवासी समाज हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और इसे जीवित रखना युवाओं का दायित्व है। मेले में पाता नाच-गान प्रतियोगिता के साथ-साथ अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस आयोजन को सफल और यादगार बना दिया।

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